सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता मीडिया प्रभारी
कानूनी अधिकारों की पर्याप्त जानकारी से लोकसेवक को कार्यक्षेत्र में कर्तव्य निर्वहन में बेहतर परिणाम प्राप्त होते है और सरकारी कर्मचारी निडर होकर व्यवस्थित तरिके से अपने काम कर सकते है व भ्रष्टाचार के खिलाफ आरटीआई क़ानून एक बड़ा हथियार है जिसका उपयोग कर हम किसी भी कार्य में पारदर्शिता ला सकते है। ये विचार शनिवार को महर्षि दयानन्द सरस्वती छात्रावास में राजकीय प्राथमिक एंव उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों की दो दिवसीय वाकपीठ संगोष्ठी में समापन सत्र में एडवोकेट अनिल धायल द्वारा व्यक्त किये गए। एडवोकेट अनिल धायल ने उपस्थित संस्था प्रधानों को नये कानूनों समेत लोक सेवकों के हितों के लिए बने कानूनों व आरटीआई क़ानून की जानकारी देते हुए स्कूलों में बेहतर तरिके से कार्य करने की अपील की। इससे पहले वाकपीठ के उद्घाटन सत्र में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री मान ओमप्रकाश प्रजापत राजस्थान निजी शिक्षण संस्थान के प्रदेशध्यक्ष कोडाराम भादू,शिक्षक नेता सोहन गोदारा,उमाशंकर सारण,विजय सिंह रिणवा ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। वाकपीठ के दूसरे दिन आदुराम जाखड़ पूर्व प्रधानाचार्य मनीष कुमार सैनी समेत बड़ी संख्या में संस्था प्रधान व शिक्षाविद उपस्थित रहे। एडवोकेट अनिल धायल का वाकपीठ कमेटी की तरफ से साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। आदूराम जाखड़ ने संस्थापन मनीष कुमार सैनी ने विद्यालय प्रबंधन समिति की संरचना पर उदभोदन दिया । वाकपीठ के अंतिम सत्र में आगामी वाकपीठ हेतु कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें लालचंद गोदारा को अध्यक्ष मनोज कुमार लखारा को सचिव,कुम्भा राम डेलू को कोषाध्यक्ष हरिराम गोदारा,हंसराज गोदारा,पूनम सिद्ध,कैलाश सिहाग,हरिराम सऊ,नौरंगराम जाखड़,मदनलाल स्वामी मामराज सिंवर,अमिता बेनिवाल,दीपिका शर्मा को सदस्य बनाया गया।


















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