हो विकसित मध्यप्रदेश 2047: विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने किया जनसंवाद
बरेली रायसेन मध्य प्रदेश
संवाददाता तखत सिंह परिहार की रिपोर्ट सिलवाह

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण और समावेशी विकास की दिशा में विकसित राज्य बनाने नगरी निकाय और ग्राम पंचायत में होगा जन संबाद
बरेली ।मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण और समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर होने एवं वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ-साथ मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से विकसित मध्य प्रदेश 2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है जिसमें भारत के प्रधानमंत्री द्वारा नीति आयोग की गवर्निंग काउंसलिंग की 9वी बैठक में विकसित भारत के बिजन को प्राप्त करने राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग और सामूहिक प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया इसी दिशा में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भी जिला नगरी निकायों और ग्राम पंचायत में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किए जाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है आज बरेली तहसील के किसान भवन में एक बैठक रखी जिसमें नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी नगर परिषद उपाध्यक्ष नेपाल सिंह राजपूतएवं अनुविभागीय अधिकार संतोष मुद्गल की उपस्थिति में एवं गणमान नागरिकों के बीच संबाद हुआ जिसमें विकसित भारत 2047 की तर्ज पर डॉक्युमेंट्री मास्टर प्लान तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आदेश जारी किए गए हैं जिसके तहत जिला नगरी निकाय और ग्राम पंचायत में जनसंवाद किया जाना है इस जन संवाद में शामिल जन-जन की अपेक्षाओं के अनुसार उनके निजी तौर पर संवाद एवं समस्याओं को रखा जाएगा और फिर इस दिशा में मध्य प्रदेश शासन द्वारा उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास किए जाएंगे आज की बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत चौधरी ने बरेली नगर को विकसित करने एवं कई सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बात रखी जिसमें मुख्यबरेली. तहसील के सभा कक्ष में मंगलवार को विकसित मध्य प्रदेश 2047 विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए सरकार को पहले मास्टर प्लान के संगत हर स्तर पर विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहिए। विकास का कोई भी मॉडल साकार करने के लिए भूमि पहली आवश्यकता है।
बरेली की 2047 की आबादी के मान से मास्टर प्लान के लिए नप बरेली का नगर पालिका में उन्नयन होने पर विकास के लिए भूमि की आवश्यकता है जब आज यह स्थति है कि विकास के लिए प्रस्ताव मांगे जाते हैं। विकास की योजना स्वीकृत भी हो जाती है। जब इन विकास कार्य को धरातल पर उतारने की बात आती है तो जमीन न मिलने पर विकास कार्य अधर में लटक जाते है। इसी तरह यदि हम विकसित मध्यप्रदेश 2024 के विजन डॉक्यूमेंट बनाने के साथ साथ सरकार को विकास के मॉडल की जरूरत के मान से भूमि आरक्षित करके भूमि कोष पहले से उपलब्ध रहे। विकसित बरेली 2047 के सपने को साकार करने के लिए अतिक्रमण मुक्त कर स्वच्छ और सुंदर बनाने कदम उठाने की जरूरत है
नगर को अतिक्रमण मुक्त करने का संकल्प
नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत चौधरी ने बैठक में ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नए वर्ष के पहले सप्ताह में सख्ती से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा जो कर्मचारी अधिकारी अतिक्रमण हटाने के दायित्व को निभाने में लापरवाही बरतें उन्हें निलंबित किया जाय छोटे और बड़े सभी दुकानदारों को व्यवस्थित दुकाने बने, सब्जी मंडी नई बनाने की जरूरत है।
एसडीएम संतोष मुद्गल ने शिक्षा को विकास का आधार बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा नागरिक शिक्षित होगा तो वह स्वयं भी देश, प्रदेश तथा नगर के विकास में योगदान देगा और स्वयं भी विकास में आत्मनिर्भर होगा। नगर परिषद उपाध्यक्ष नेपालसिंह राजपूत ने 2047 की अनुमानित आबादी के मान से नवीन सब्जी मंडी, बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्लेक्स, सुगम यातायात, नगर पालिका बनाने की बात कही। एवं नगर में आपराधिक गतिविधियों को रोकने सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी बात कही
एसडीएम संतोष मुद्गल और एसडीओपी सुरेश दामले ने भी अतिक्रमण मुहिम के दौरान स्वयं उपस्थित रहने का भरोसा दिलाया। बैठक में विधायक प्रतिनिधि राजेश साहू पार्षद प्रतिपाल साहू, चंद्र प्रकाश मेहरा, पूरन धाकड़, श्याम पटेल, वीरेंद्र धाकड़ भी मौजूद रहे।
भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक राजपूत ने नगर को अतिक्रण से मुक्त कर नगर का सर्वांगीण और समावेशी विकास करने की बात कही। व्यापार महासंघ के अध्यक्ष हीरेन्द्र मालवीय ने बरेली को जिला बनाने पर विकास की मुख्य धारा से जोडने पर जोर दिया। विधायक प्रतिनिधि राजेश साहू ने नगर के स्कूल एवं मंदिर पुराना बाजार अतिक्रमण हटाने की बात कही। बरेली नगर के वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा ने कहा बरेली में श्रमिक सेट बनने पर भी मजदूरों की दिग्विजय परिसर के सामने भीड़ लगी रहती है इसलिए इन मजदूरों की उचित व्यवस्था की जाए ताकि यह रोडो पर ना घूमें एवं श्रमिक सेट में ही अपने काम को सुचारू रखें
दिलीप धारीवाल ने नगर में मूलभूत आवश्यकता जिसकी वास्तविकता में कमी है हर शहर में कम्युनिटी हाल के रूप में रविंद्र नाथ टैगोर के रूप में स्थित हाल कि उपलब्धता रहती है जिसमें सांस्कृतिक गतिविधियां बहुत अच्छे ढंग से संचालित होती हैं एक कम्युनिटी हाल की आवश्यकता है जिससे सांस्कृतिक गतिविधियां अच्छे ढंग से संचालित होती रहे हमारे नगर के नोनीहाल नन्हे नन्हे बच्चों को हम प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के रूप में पार्क में भ्रमण नहीं करा सकते हमारे नगर में पार्क की बहुत कमी है एवं बरेली के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति के बारे में भी चर्चा की एवं मेडिकल कॉलेज का क्षेत्र के लिए महत्व बताया स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जागरूकता की बात कही

















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