पलवल में 30 लाख रुपये की लागत से बने आधुनिक ‘एक्सपीरिएंशियल टॉयलेट’ का खेल मंत्री गौरव गौतम ने किया उद्घाटन
कृष्ण कुमार छाबड़ा
पलवल, 8 जून
हरियाणा सरकार के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने आज नगर परिषद पलवल के वार्ड नंबर-12 स्थित ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में निर्मित आधुनिक एक्सपीरिएंशियल टॉयलेट का उद्घाटन किया। यह परियोजना भारत सरकार और हरियाणा सरकार के संयुक्त वित्तीय सहयोग से लगभग 30 लाख रुपये की लागत से विकसित की गई है।
यह आधुनिक सार्वजनिक शौचालय परिसर आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MOHUA) के दिशा-निर्देशों तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की भावना के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, समावेशी और सुलभ सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सभी वर्गों के लिए विशेष सुविधाएं
इस एक्सपीरिएंशियल टॉयलेट परिसर में पुरुषों, महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा माताओं और छोटे बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेबी केयर रूम तथा साफ-सफाई और रखरखाव सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टोर रूम भी बनाया गया है।
स्वच्छता और सम्मान दोनों जरूरी : गौरव गौतम
उद्घाटन अवसर पर खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे सार्वजनिक स्वच्छता परिसरों का विकास करना है जो स्वच्छता, सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के उच्च मानकों पर खरे उतरें।
उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, ट्रांसजेंडर समुदाय और दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुरक्षित और समावेशी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों का बेहतर रखरखाव, स्वच्छता, उपयोगकर्ता सुविधा और सुलभता शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
क्यों जरूरी हैं एक्सपीरिएंशियल टॉयलेट
पारंपरिक सार्वजनिक शौचालयों में अक्सर स्वच्छता, सुरक्षा, रखरखाव और समावेशी सुविधाओं की कमी देखने को मिलती है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत इन कमियों को दूर कर सार्वजनिक शौचालयों को अधिक स्वच्छ, आकर्षक, उपयोगी और नागरिकों के अनुकूल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसी सुविधाएं खुले में मूत्र त्याग जैसी अस्वास्थ्यकर प्रवृत्तियों को कम करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा ODF+ और ODF++ जैसे स्वच्छता मानकों को मजबूत करने और स्वच्छता को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होती हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
खेल मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस सुविधा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें, इसकी स्वच्छता बनाए रखें तथा इसे सार्वजनिक संपत्ति मानकर इसकी सुरक्षा करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही इस प्रकार की जनहितकारी परियोजनाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पृथक सुविधाएं, बच्चों की देखभाल के लिए विशेष स्थान, ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सम्मानजनक प्रावधान और दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच जैसी व्यवस्थाएं इस परियोजना को एक आदर्श सार्वजनिक स्वच्छता मॉडल बनाती हैं
















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