होली मिलन संगोष्ठी में गूंजे शिक्षा और संगठन के स्वर
निजी विद्यालयों के शिक्षक-प्रबंधक एक मंच पर आए, शिक्षकों के अधिकार, संगठन की मजबूती और हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने पर हुआ मंथन
(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
दुद्धी (सोनभद्र)।
प्राइवेट स्कूल शिक्षक/प्रबंधक संघ द्वारा गुरुवार को होली मिलन संगोष्ठी का आयोजन सोनांचल इंटर कॉलेज दुद्धी के सभाकक्ष में हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर दो बजे प्रारंभ हुए इस आयोजन की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं सोनांचल इंटर कॉलेज दुद्धी के प्रबंधक राजेश्वर श्रीवास्तव ने की।
होली के पावन पर्व के अवसर पर आयोजित इस संगोष्ठी में क्षेत्र के विभिन्न निजी विद्यालयों के शिक्षक, प्रबंधक तथा संगठन से जुड़े पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जहां सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया, वहीं शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श भी किया गया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि निजी विद्यालयों के शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। वे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन का पाठ पढ़ाकर भविष्य की पीढ़ी को दिशा देने का कार्य करते हैं। इसलिए शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा, उनके सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित शिक्षकों और प्रबंधकों ने एकजुट होकर कार्य करने तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संगोष्ठी के दौरान शिक्षकों के भविष्य को सुदृढ़ बनाने तथा टीएससीटी (TSCT) से जुड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप विद्यालय संचालन सुनिश्चित करने पर भी विचार व्यक्त किए गए।
बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि आने वाले समय में ऐसे प्रयास किए जाएंगे जिससे क्षेत्र का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए सभी विद्यालयों के शिक्षक एवं प्रबंधक मिलकर शिक्षा के प्रचार-प्रसार और बच्चों के नामांकन बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक और चारित्रिक विकास के लिए विद्यालयों में समय-समय पर सांस्कृतिक, शैक्षिक और नैतिक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों का समुचित विकास हो सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों एवं प्रबंधकों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा तथा समाज के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विश्वजीत गुप्ता, कृष्ण कुमार, राम प्रवेश कुशवाहा, जगत नारायण यादव, राजेश कुमार, आदर्श तिवारी, दीपक कुमार, राकेश गुप्ता, राकेश कुमार कन्नौजिया, रणजीत सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधक उपस्थित रहे।

















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